यह जिंदगी हैं▪▪▪▪▪
कभी लंबी, तो कभी आसमान जैसी अनजान हैं ,
नदी सी बहती हैं,अपनी ही परछाई जैसी ,
हर वक्त पीछे होकर भी अलग सी ही लगती है,
जैसी भी हैं जिंदगी हैं!
ख्वाहिशो के सिलसिले यहां हर कदम पर दिखते हैं,
यह हमेशा हमे अपने कदमो पर नचा रही हैं,
अलग अलग चीजो से जीना सिखा रही हैं,
तभी तो यह जिंदगी हैं!
शिकायते हमे किसीसे नही है,खुद से हैं लेकीन बहुत सारी !
किसीसे क्या कहे कोई,
अलग ही है यह खुद की जिम्मेदारी!
पल पल रूकावटे यहाँ,इंतजार करती हैं हमारा,
हम भी खुश है इनके साथ जीकर जरा!
हर एक चीज कुछ कह रही हैं,
हाँ यह जिंदगी हैं!
एक तरफ लोगों की भीड़ मे खोने का डर है कहीं,
तो दुसरी तरफ बेखबर दिलोको आनेवाली कठिनाइयों क एहसास नही!
यह सब होकर भी हम पीछे हटनेवालो में से नहीं!
लेकिन यहाँ जो होना है ,होता है वहीं !
इसिलिए तो अलग ही सही यह जिंदगी हैं !
अपनी पहचान, अपना वजूद समेटे हुए जीना हैं,
हाँ सिलसिला यह जज्बातो का आना जाना हीं हैं!
हर हम्हा जिंदा होने की खुशी तो एक तरफ अपने आप को साबित करने का जज्बा हैं,
साथ ही कुछ करने का जुनून सवार हैं,
रग रग मे नन्हे ,मासूम सपने तेजी से दौड़ते है,
यह सब है तभी तो जीने का मजा है,
इसिलिए जैसी भी हैं यह हमारी खुबसूरतसी जिंदगी हैं! 😍
-कुणाल विजय ठाकरे .

Comments
Post a Comment