रिश्ता दिल का............


@ रिश्ता 

खुद से ही खुद का यह रिश्ता अलग सा  हैं ,
जिद्दी यह दिल भी थोडा नासमझ हैं, 
मुश्किलें तो बेहद है लेकिन तभी तो खूबसूरत  जिंदगी हैं ,

हँसी चेहरे  पर यहाँ  कुछ इस तरह छायी  हुई है ,
मानो  जिंदगी को दिलसे  जीना  यही हर  वक्त कि  दिल-ए-ख्वाहिश सी हों, 

पंछी जैसा होना एक सपने सा  हैं, 
ख्वाबो कि बकेट  लिस्ट आँखों मे 
समाए नन्हा सा  दिल  कही उड़ चला हैं, 

कभी  यह   जिंदगी   परेशानियों
कि  दुकान सी हैं, 
फिर  भी  हर  हालात  मे हम  एक दिल  एक जान  हैं, 
हम  तो मानो  खिलते  हुए  फुल से हैं ,

 
आनेवाले कल से  शायद  अंजान हैं, 
लेकिन  मेरे  दिल का  मुझसे यह  रिश्ता  अपने 
ही  आप  में एक मिसाल हैं, 
अनकहा ,अनदेखा  प्यारा   सा  एहसास  हैं, 

अकेला  नही पर हा  खुद का  ही  खुदसे दिल  का यह रिश्ता  हर  एक पल  कुछ खास है  .

#चलो  जीए  जी भर  के और हाँ दिलसे😊


                                  -कुणाल विजय ठाकरे. 






    


 


 


 
     
 

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

नकारात्मकतेचं सीमोल्लंघन..

यह जिंदगी हैं▪▪▪▪▪