मस्त मलंग ...😍😍
मस्त मलंग..
वह बेखौफ सा....बेखबरसा फिर भी कितना खुश हैं. ......
है अनजाना दुनिया के लिए. .
फिर भी आफरीन हैं. ....
वह ना समझ मे आए...ना नजर मे समाए .....
क्यो दूसरो से अलग हैं. ...?
सब कुछ खुबसूरत लगे उसे ......
क्या वह इतना खुशनसीब हैं. ...!
अपना सा लगता हैं देखकर .....
क्यूँ इतना वह अलग हैं ..?
चाहतो से परे निकल चला हैं वह....
न जाने क्या सोचता है...!
कैसी शिद्दत जीने मे हैं ...
न जाने कैसी अगन सीने मे हैं ...!
यह तो हर चुनौती को भी आसानी से पार कर जाए..
लमहा लमहा जीना महकाए....
बेफिक्र इरादे उसके आसमान छू रहे हैं ....
आहिस्ता कदम उसके ...खुद को ढूंढने ..कही चल पडे हैं .......
लगे पल भर मे वह अपने जैसा.. .
फिर भी मिठी सी पहेली दे जाए...
खुदगर्जी उसकी कभी समझ ना आए....
न रोए ना ...रूलाए...अपनी ही धुन मे हसता जाए...
नूर उसकी नजर का न जाने कितनोको जीना सिखाए......
रोम रोम उसका जीना महसूस करना चाहे........
वह तो मनमौजी ..बेदर्दी मलंगी ठहरा ......
हर कतरा कतरा इस जहां का मलंग बना जाए...!
#मलंग -मनमौजी,मनस्वी,carefree person,साधू,
बेफिक्र
-कुणाल विजय ठाकरे. .

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