दिवाने. ...😍❤❤❤
दिवाने....😍 उल्फत मे जल रहे ...कैसे यह दिवाने हैं. .. इन्हे कौनसा रोग लगा हैं ...यह ना जाने हैं .... सबकुछ ठुकराकर किन राहो मे यह चल पडे है..? आजकल बातें भी जुनून भरी करने लगे हैं ... तोड चले हैं सभी दिवारे...अब यह कैसी अगन दिल समाए जी रहे हैं ? बेखबर फिर भी प्यार मे डूबे हुए हैं ! बेखौफ जीना उनका ..क्या क्या कह जाए... नजर तो देखो उनकी ...छिपाए न रह जाए...! दिल की बाते जुबान पर आसानी कह रहे हैं ... न जाने कितने तुफान सीने मे उनके उमड़ रहे हैं ...? सबकुछ अपना किसी और को दे चुके है... लमहा लमहा बस किसी अलगही दुनिया मे जी रहे हैं. .. हर चीज उन्हे दिवानी सी लगने लगी हैं .... जमीन- आसमान के परे वह जा चुके हैं ..... कितने ख्वाबो को यह जिंदगी दे रहे हैं .... राहे मुश्किल अपनी अपनी खुबसूरती से सजा रहे हैं. ... कुछ मिसाले बन जाते है...दुनिया के लिए ... कुछ दब जाते है अपनी ही सोच तले.. कुछ दुनियाही बदल देते हैं. .अपने रंग से.. यह दिवाने सच मे अलगही होते हैं ...सब से अलग..! - @कुणाल विजय ठाकरे...